आज मन को इतना उदास भी न होने दो
मन यदि कहता है
थोडा सा खुश हो लेने दो तो
उसे खुश करने में कोई भी हर्ज़ नहीं है
हम तो जीते ही इसलिए है की हमारा मन खुश हो सके
आसमान का रंग यदि लाल न हो तो क्या सुबह नहीं हुयी है
कौन कहता है केवल हँसता हुआ चेहरा ही खुश होता है
ये भी तो हो सकता है हँसता हुआ चेहरा भी
अपने आप में दुखी हो
हँसना केवल aपने लिए ही नहीं होता
दूसरो के लिए भी कभी कभी हँसना होता है
मन न भी चाहे तो भी दिखावे के लिए भी हसना पड़ता है
यही तो ज़माने का वसूल है की
न चाहते हुए भी जो हँसे लोग usi को
चाहते है नहीं तो क्या हजारो लोग रोते हुए भी हँसते हुए दिखाई यु ही देते है.